लक्ष्मी शंकर बाजपेई का जीवन परिचय | laxmi shankar Bajpai ka jivan parichay | लक्ष्मी शंकर बाजपेई की लघु जीवनी हिंदी में |

 


लक्ष्मी शंकर बाजपेई का जीवन परिचय | laxmi shankar Bajpai ka jivan parichay | लक्ष्मी शंकर बाजपेई की लघु जीवनी हिंदी में | 

नाम: लक्ष्मी शंकर बाजपेई

जन्म: 10 जनवरी 1955 ई.

स्थान: कानपुर, उत्तर प्रदेश

पेशा: हिन्दी कवि, आकाशवाणी के उपनिदेशक

पत्नी: ममता किरण

शिक्षा: एम. एससी.(भौतिक विज्ञान)

पुरस्कार: बाल साहित्य पुरस्कार, राष्ट्रभाषा गौरव सम्मान, भारतेंदु सम्मान आदि

पुस्तकें: मच्छर मम समझ गय हुन, खुशबू तो बच्चा ली जाये, बेजुबान दर्द, ख़ुशबू तो बचा ली जाए (ग़ज़ल संग्रह),आदि।

लक्ष्मी शंकर बाजपेई का जीवन परिचय ।

लक्ष्मी शंकर बाजपेयी एक कवि, गज़लकार और संचारक हैं। लक्ष्मी शंकर बाजपेई का जन्म 10 जनवरी 1955 को कानपुर, उत्तर प्रदेश में हुआ था।

लक्ष्मी शंकर बाजपेयी भौतिक विज्ञान में स्नातकोत्तर किया है। उन्होंने आकाशवाणी ग्वालियर से PEX के रूप में अपना करियर शुरू किया और बीकानेर, अल्मोडा, कठुआ, राष्ट्रीय चैनल आदि जैसे विभिन्न स्टेशनों पर सेवा की। उन्होंने हिंदी कमेंट्री को नए आयाम दिए हैं। और आंखो देखा हाल को जनता के सामने लाया है।

लक्ष्मी शंकर बाजपेयी वेनेज़ुएला में आयोजित 2013 विश्व कविता महोत्सव में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले एकमात्र कवि थे। उन्होंने उत्तरी आयरलैंड, वेल्स और ब्रिटेन, मॉस्को के कई शहरों में कविता पाठ किया है। और 2005 में पोलैंड और त्रिनिदाद और इंग्लैंड में भारत के प्रतिनिधि के रूप में कविता पाठ भी किया है। 

लक्ष्मी शंकर बाजपेई एक कवि, गजलकार और संवाददाता हैं। ये एआईआर आकाशवाणी में उप महानिदेशक के रूप में कार्य कर चुके है। वेनेजुएला, आयरलैंड एवं दुबई आदि बहुत से देशों में देशों में हिंदुस्तान का प्रतिनिधित्व करने वाले कवियों में इनका शुमार है। देश-विदेश की पत्र-पत्रिकाओं में इनकी कविताएं, ग़ज़लें एवं लेख प्रकाशित होते रहते हैं। इनका ग़ज़ल संग्रह 'ख़ुशबू तो बचा ली जाए' साहित्य जगत ने बहुत प्रसिद्ध हुआ है। इनको विभिन्न सम्मानों से सम्मानित किया गया है जिसमें हिन्दी अकादमी दिल्ली का 'बाल साहित्य सम्मान' राष्ट्रभाषा गौरव सम्मान, भारतेंदु सम्मान आदि प्रमुख हैं। इनकी रचनाओं का देश-विदेश की बहुत सी भाषाओं में अनुवाद भी हो चुका है।लक्ष्मी शंकर बाजपेई की रचनाएँ: मच्छर मम समझ गय हुन, खुशबू तो बच्चा ली जाये, बेजुबान दर्द, ख़ुशबू तो बचा ली जाए (ग़ज़ल संग्रह),आदि।


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