निरंजन सिंह गिल का जीवन परिचय | Niranjan Singh Gill ka jivan prichay
निरंजन सिंह गिल का जीवन परिचय | Niranjan Singh Gill ka jivan prichay
निरंजन सिंह गिल का जीवन परिचय |भारत के स्वतन्त्रता सेनानी और राजनयिक थे। सन 1943 में इंडिअन नेशनल आर्मी के स्थापना में इनकी भी महत्वपूर्ण भूमिका थी।
निरंजन सिंह गिल का जन्म सन 15 जनवरी, 1906 में अमृतसर के पास एक जमींदार सिख परिवार में हुआ था। उन्होंने लाहौर के एचेसन चीफ्स कॉलेज, देहरादून के राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज और रॉयल मिलिट्री अकादमी सैंडहर्स्ट में पढ़ाई की। ब्रिटिश भारतीय सेना में वह पहले 7वीं कैवलरी रेजिमेंट में थे और बाद में हैदराबाद रेजिमेंट में थे। जिसे 1942 में सिंगापुर की लड़ाई के बाद जापानियों ने बंदी बना लिया था। वहां उन्होंने आत्मरक्षा बलों को भारतीय राष्ट्रीय सेना की स्थापना में मदद की।
सन 1945 में जापानियों की पराजय के बाद 15 अगस्त, 1945 के बाद अंग्रेजों द्वारा उन्हें नई दिल्ली के लाल किले में अस्थायी रूप से कैद कर दिया गया। जब 15 अगस्त 1947 को भारत स्वतन्त्र हुआ तब उन्हें 'स्वतन्त्रता सेनानी' घोषित किया गया। इसके बाद वे 11 वर्षों तक इथियोपिया, थाइलैंड, और मैक्सिको में भारत के राजदूत रहे। उन्होंने भारत में मक्के की कई किस्में पेश कीं और बागवानी में लग गये।
निरंजन सिंह गिल की मृत्यु 19 अगस्त, 1992 को 86 वर्ष में अमृतसर, भारत में हुआ था।
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