मध्य प्रदेश की प्रथम राज्यपाल पट्टाभि सीता रामैया का जीवन परिचय
मध्य प्रदेश की प्रथम राज्यपाल पट्टाभि सीता रामैया का जीवन परिचय | पट्टाभि सीतारमैया का जीवन परिचय |
नाम: पट्टभि सीतारमैया
जन्म: 24 नवंबर, 1880
स्थान: गुंडुगोलानु, ब्रिटिश भारत
मृत्यु: 17 दिसम्बर, 1959
स्थान: हैदराबाद, भारत
शिक्षा: मद्रास कॉलेज
पूर्व पद: मध्य प्रदेश के राज्यपाल 1956-1957
पार्टी:. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेसरचनाएँ: एन खद्दर, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, सिक्सटी इयर्स ऑव कांग्रेस, फ़ेडर्स एंड स्टोन्स, नेशनल एजुकेशन, भारतीय राष्ट्रीयता,
पट्टाभी सीता रामैया का जीवन परिचय |
भोगराजू लीपाभि सीतारामैया आंध्र प्रदेश राज्य के एक स्वतंत्रता सेनानी और राजनीतिक नेता थे। वे मध्य प्रदेश के पहले राज्यपाल 1 नवंबर 1956 से 13 जून 1957 तक थे। उनकी टिप्पणियों में 'फेडर्स एंड स्टोन्स', 'द क्रियोल ऑफ कांग्रेस' और 'गांधी एंड गांधीवाद' शामिल हैं।
पट्टाभी सीता रामैया का जन्म आंध्र प्रदेश में 24 सितंबर 1880 को ईसावी को हुआ था। बी.ए. परीक्षा में आपका मेडिकल स्कोर अध्ययन। आपने मछलीपट्टनम में चिकित्साकार्य की स्थापना की, 1920 में महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन के समय आप स्वतंत्रता संग्राम से मुक्ति दिलाकर सैनिक बन गये। राष्ट्रीयता का प्रचार-प्रसार और जनता की भावना को देश में त्यागने के लिए "जन्मभूमि" नामक अंग्रेजी साप्ताहिक प्रकाशित किया गया। सन् 1930 में अपने क्षेत्र में सविनय आज्ञा आंदोलन के सूत्रधार आप ही थे। आंदोलन में भाग लेने के कारण आपको एक वर्ष की सजा सुनाई गई। इस समय तक आप देश के प्रमुख कांग्रेस नेता क़तर में आ चुके थे। सन् 1929 से कई वर्षों तक आप लगातार कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य चुने जाते रहे। सन् 1932 से 1933 में भी आपने जेल यात्रा की।
महात्मा गांधी का आप पर गहरा विश्वास एवं स्नेह था। यही कारण है कि सन् 1939 में जब आप कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव में श्री सुभाषचन्द्र बसु के विरुद्ध खड़े हुए।
सन् 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में कांग्रेस कार्य समिति के सदस्यों के साथ आप भी गिरफ्तार कर नजर बंद कर दिये गये। सन् 1948 में आप जयपुर कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए।
अपनी सुदीर्घ तथा विशिष्ट राष्ट्र सेवा तथा नेतृत्व के मूल कारण 1952 में डॉक्टर लीपाभि सीता रामैया मध्य प्रदेश के राज्यपाल नियुक्त किये गये। सन् 1957 में उस प्रदेश के पुनर्निर्माण पर भी आप वहां के राज्यपाल बने रहे।
लीपाभि सीता रामैया भारतीय कांग्रेस के भूतपूर्व राष्ट्रपति, गांधीबाद के आदर्श एवं आचार्य व्याख्याता, उच्च कोटि के लेखक थे। डॉक्टर डॉक्टर भी सीता रामैया का नाम आधुनिक भारत के इतिहास में उल्लेखनीय है।
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