आंध्रप्रदेश के जनक पोट्टि श्रीरामुलु का जीवन परिचय | Potti Sriramulu ka jivan prichay |
आंध्रप्रदेश के जनक पोट्टि श्रीरामुलु का जीवन परिचय | Potti Sriramulu ka jivan prichay |
नाम: पोट्टि श्रीरामुलु
जन्म: 16 मार्च 1901
स्थान: पदमतिपल्ली, आंध्र प्रदेश, भारत
मृत्यु: 16 दिसम्बर 1952
स्थान: मद्रास, भारत
माता-पिता: गुरवय्या और महालक्ष्मम्मा
मौत की वजह: उपवास
पेशा: अभियन्ता, सामाजिक कार्यकर्ता
पदवी: आन्ध्र प्रदेश के संस्थापक
प्रसिद्धि: आन्ध्र नाम अलग राज्य की मांग को लेकर भूख हड़ताल करने के लिए
पोट्टि श्रीरामुलु का जीवन परिचय |
आंध्रप्रदेश के जनक कहे जाने वाले पोट्टि श्रीरामुलु का 16 मार्च 1901 में पदमतिपल्ली, आंध्र प्रदेश हुआ था। पोट्टि श्रीरामुलु भारत के एक क्रांतिकारी थे। मद्रास राज्य से अलग आंध्र प्रदेश राज्य के निर्माण की मांग को लेकर उन्होने आमरण अनशन किया जिसके कारण अन्ततः उनकी अनशन के 58वे दिन 1952 को मृत्यु हो गयी। भारत में भाषा के आधार पर राज्यों के निर्माण के निर्णय के पीछे उनकी असामयिक मृत्यु बहुत बड़ा कारण सिद्ध हुई। वे महात्मा गांधी के परम भक्त थे। उन्होने जीवन पर्यन्त सत्य, अहिंसा, देशभक्ति और हरिजन उत्थान के लिये कार्य किया।
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