प्यारेलाल नय्यर का जीवन परिचय | Pyarelal Nayyar ka jivan prichay |
प्यारेलाल नय्यर का जीवन परिचय | Pyarelal Nayyar ka jivan prichay |
नाम: प्यारेलाल नय्यर
जन्म: 1899,
मृत्यु: 1982
स्थान: भारत
बहन: सुशीला नायर
प्यारेलाल नय्यर का जीवन परिचय |
स्वतंत्रता सेनानी प्यारे लाल नय्यर का जन्म 1899 में दिल्ली में हुआ था। और 1982 में निधन हो गया। इनका पारिवारिक निवास पश्चिमी सीमा प्रांत (अब पाकिस्तान) में था। प्यारे लाल की शिक्षा गवर्नमेंट कॉलेज, लाहौर में हुई। उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय से कला स्नातक की डिग्री प्राप्त की और 1920 के असहयोग आन्दोलन के दौरान कला स्नातकोत्तर की पढ़ाई छोड़ दी। और असहयोग आंदोलन से जुड़ गये। प्यारेलाल नय्यर महात्मा गांधी के अंतिम वर्षों में उनके निजी सचिव थे। उनकी बहन सुशीला नय्यर महात्मा गांधी की निजी चिकित्सक थीं। प्यारेलाल गांधीजी के पदचिन्हों पर चलते हुए स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय थे। उन्होंने में दांडी नमक यात्रा में भाग लिया। नय्यर ने अपने अंतिम दिनों तक गांधी पर अपना साहित्यिक कार्य जारी रखा। नय्यर के पास गांधीजी से संबंधित निजी कागजातों का एक बड़ा भंडार था। जिसे 2007 में ही सार्वजनिक किया गया था।
प्यारे लाल नय्यर सदा महात्मा गांधी जी के सहायक रहे। यद्यपि 1942 में अपने निधन तक महादेव देसाई महात्मा गांधी जी के निजी सचिव थे। ये 1930 के गोलमेज सम्मेलन में महात्मा गांधी जी के साथ गए थे। प्यारे लाल नय्यर महात्मा गांधी जी के राजनैतिक और आर्थिक विचारों के अनुयायी थे। स्वतंत्रता संग्राम में जब-जब गिरफ्तारियां हुईं इन्होंने भी जेल की सजाएं भोगीं। देश के विभाजन के समय नोआख़ाली के दंगों में उन्होंने पीड़ित लोगों की बड़ी सहायता की। प्यारे लाल ने कभी संगठन या सरकार में कोई पद ग्रहण नही किया। ये 'हरिजन' पत्र के संपादक भी रहे है।
महात्मा गांधी जी के दृष्टिकोण की व्याख्या करते हुए उन्होंने अनेक ग्रंथ लिखे है जो इस प्रकार हैं - दि इपिक फास्ट, ए पिलिग्रिमेज ऑफ पीस, ए नेशन बिल्डर ऐट वर्क, महात्मा गांधी दि लास्ट फेज, महात्मा गांधी दि अर्ली फेज, आदि है।
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