बन्धू सिंह का जीवन परिचय | Bandhu Singh ka jivan prichay |
बन्धू सिंह का जीवन परिचय | Bandhu Singh ka jivan prichay |
नाम: बन्धू सिंह
जन्म: 1 मई 1833
स्थान: डुमरी, गोरखपुर
मृत्यु: 12 अगस्त 1858
स्थान: गोरखपुर , भारत डोमिनियन
प्रसिद्ध: स्वतंत्रता सेनानी, भारतीय क्रांतिकारी
बन्धू सिंह का जीवन परिचय।
बन्धू सिंह एक भारतीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। जिन्होंने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ गुरिल्ला युद्ध का नेतृत्व किया। 12 अगस्त 1858 को गोरखपुर के अली नगर चौराहे पर ब्रिटिश शासन द्वारा उन्हें सार्वजनिक रूप से फांसी दी गई।
बन्धू सिंह का जन्म 1 मई 1833 को गोरखपुर के डुमरी रियासत में हुआ था। वे माता तरकुलहा देवी के भक्त थे। उन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ लड़ाई लड़ी और कई ब्रिटिश अधिकारियों को पराजित किया।उन्होंने ब्रिटिश शासन के अत्याचारों के खिलाफ गुरिल्ला युद्ध छेड़ा। वे जंगलों में रहकर ब्रिटिश अधिकारियों पर अचानक आक्रमण करते और उनकी हत्या कर तरकुलहा देवी के मंदिर में बलिदान के रूप में उनके सिर चढ़ाते थे। उनकी रणनीति ने ब्रिटिशों को भयभीत कर दिया। ब्रिटिश सेना ने गद्दार सूरत सिंह की मदद से उन्हें पकड़ लिया। 12 अगस्त 1858 को उन्हें गोरखपुर के अली नगर चौराहे पर सार्वजनिक रूप से फांसी दी गई। कहा जाता है कि छह बार प्रयास करने के बाद भी फांसी सफल नहीं हुई, लेकिन सातवीं बार यह संभव हो सका। गोरखपुर में उनका एक स्मारक "शहीद बन्धू सिंह स्मारक" स्थापित किया गया है।
उनके नाम पर कई संस्थान और पार्क बनाए गए हैं, जैसे शहीद बन्धू सिंह पी.जी. कॉलेज और शहीद बन्धू सिंह स्टेडियम।
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