स्वतंत्रता सेनानी, प्रतिपाल सिंह का जीवन परिचय | Pratipal Singh ka jivan prichay |
स्वतंत्रता सेनानी, प्रतिपाल सिंह का जीवन परिचय |
नाम: प्रतिपाल सिंह
जन्म: मौदहा, फर्रुखाबाद
मृत्यु: 28 अक्टूबर 1986
प्रतिपाल सिंह का जीवन परिचय |
प्रतिपाल सिंह भारत के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। वह हमेशा कांग्रेस के बड़े नेताओं के संपर्क में रहते थे। पंडित गोविंद वर्ष पंत और मोहम्मद फारूक चिश्ती के वह बेहद करीबी थे और पंडित जवाहरलाल नेहरू के साथ सराय जेल में बंद थे।
ठाकुर प्रतिपाल सिंह रायटर का जादूगर गांव फर्रूखाबाद जिले में मौदहा था। लेकिन पिता की मृत्यु के बाद उन्होंने अपने ननिहाल कुरियाकलां को अपनी कर्मभूमि बना लिया। सबसे पहले वह 1947 में जिला परिषद के सदस्य चुने गये। 1952 के प्रथम विधान सभा चुनाव में वह जमौर विधान सभा क्षेत्र से निर्वाचित हुए। 1957 में उन्होंने कांग्रेस पार्टी से एमपी के टिकट मांगे लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रभानु गुप्ता ने उनके टिकट कटवा दिए और उन्होंने कांग्रेस पार्टी को खत्म कर दिया। वह पार्टी से बगावत करके पेज सोसलिस्ट पार्टी से चुनावी मैदान में हैं। 1952 से 1957 तक वे जिला परिषद के अध्यक्ष भी रहे।
ठाकुर प्रतिपाल सिंह जिले के ऐसे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों में से थे जिन्होंने कभी पेंशन नहीं ली। आज़ादी की लड़ाई में वह पंडित जवाहरलाल नेहरू के साथ जेल में कैद रहे। इंदिरा गांधी हर बार उन्हें दिल्ली बुलाती थीं। महात्मा गांधी के विचारों से प्रभावित होकर वे कुरियाकलां में गांधी विचार प्रचार माध्यमिक विद्यालय भी जोकी जिले के प्रमुख शिक्षा केंद्र थे। ठाकुर प्रतिपाल सिंह का 28 अक्टूबर 1986 को निधन हो गया।
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